इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया से लिया वर्ल्ड कप का बदला

भारत के नए T-20 कैप्टन सूर्यकुमार यादव ने कहा, मुझे युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व है। सूर्यकुमार यादव ने पहली जीत के बाद कहा, जिस तरह लड़कों ने दबाव वाली स्थिति में खेला वह भारत के भविष्य के लिए शानदार है। ऑस्ट्रेलिया ने हमें अंडर प्रेशर लाया था, लेकिन लड़कों ने गजब का कैरेक्टर दिखाया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के सामने जीत के लिए 209 का लक्ष्य रखा था। भारत ने 8 विकेट खोकर इसे अंतिम गेंद पर हासिल कर लिया। यह T-20 इंटरनेशनल के इतिहास में भारत का सबसे बड़ा रन चेज है। T-20 इंटरनेशनल में टीम इंडिया ने पांचवीं बार 200 से बड़ा टारगेट हासिल किया। साउथ अफ्रीका 4 बार यह कारनामा कर चुकी है। ईशान किशन ने 39 गेंद पर 2 चौकों और 5 छक्कों के साथ 148.72 की स्ट्राइक रेट के साथ 58 रन बनाए। मैन ऑफ द मैच सूर्यकुमार यादव ने 42 गेंद पर 9 चौकों और 4 छक्कों के साथ 190.48 की स्ट्राइक रेट के साथ 80 रन बनाए। 14 गेंद पर 4 चौकों की मदद से 22 रन बनाकर रिंकू सिंह नाबाद रहे। रिंकू सिंह ने अंतिम गेंद पर छक्का जड़ा, लेकिन गेंदबाज सीन एबॉट ने ओवर स्टेप कर दिया था तो भारत नो बॉल के एक रन से ही मैच जीत गया।

ko

 

सूर्यकुमार यादव ने कहा हर बार जब आप भारत के लिए खेलते हैं, तो वह अपने आप में गौरवान्वित करने वाला लमहा होता है। पर भारत की कप्तानी करना मेरे करियर का सबसे बड़ा मोमेंट था। मुझे लगा था कि बल्लेबाजी के दौरान अंत में ओस गिरेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ऑस्ट्रेलिया 230-235 की तरफ बढ़ रही थी, लेकिन आखिरी 4 ओवर में हमने बेहतरीन वापसी की। मुकेश कुमार ने तो लास्ट ओवर में सिर्फ 5 रन खर्च किए। सूर्यकुमार यादव ने कहा, फ्रेंचाइजी क्रिकेट के दौरान हम पहले भी कई बार ऐसी स्थिति में रह चुके हैं। इसलिए मैंने ईशान किशन को सिर्फ इंजॉय करने के लिए कहा। हमें पता था कि अगर हम दोनों खड़े रह गए, तो फिर टारगेट बहुत नजदीक आ जाएगा। सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन ने तीसरे विकेट के लिए 54 गेंद पर 112 रन जोड़े। सूर्या ने कहा मैं जब बल्लेबाजी करने उतरा, तो अपनी कप्तानी की जिम्मेदारी को ड्रेसिंग रूम में छोड़ दिया। रिंकू सिंह जिस तरह आखिरी ओवर में शांत खड़े थे, उसने मुझे भरोसा दिया हम यह मैच जीत जाएंगे।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की जीत के हीरो गोपालगंज, बिहार निवासी तेज गेंदबाज मुकेश कुमार भी थे। सूर्यकुमार यादव, ईशान किशन और रिंकू सिंह के प्रदर्शन के बीच मुकेश कुमार की गेंदबाजी भुलाई नहीं जा सकती। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 19 ओवर में सिर्फ 3 विकेट के नुकसान पर 203 रन बना लिए थे। संभावना थी कि आखिरी ओवर में भी रन पड़ेंगे, क्योंकि सामने टिम डेविड खड़े थे। आजकल T-20 इंटरनेशनल में इस बल्लेबाज की हिटिंग के काफी चर्चे हैं। दूसरे छोर पर मार्कस स्टोइनिस थे। यही ओवर भारतीय पारी का मोमेंटम सेट करने वाला था। 20वें ओवर की पहली गेंद ऑफ स्टंप पर लोअर फुलटॉस थी, जिसे टिम डेविड एक्स्ट्रा कवर के हाथ खेल बैठे और कोई रन नहीं मिला।

अंतिम ओवर की दूसरी गेंद 139.6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ लेग स्टंप पर क्रैकिंग यॉर्कर। इसे पॉइंट की दिशा में खेलने के प्रयास में टिम डेविड गिर पड़े। भारतीय टीम ने LBW के लिए रिव्यू लिया। गेंद जूते पर जरूर लगी थी, लेकिन लेग स्टंप मिस कर रही थी। टिम डेविड ने छोर बदल लिया था। तीसरी वाइड यॉर्कर आउटसाइड ऑफ को स्वीपर कवर की दिशा में खेल कर मार्कस स्टोइनिस ने सिंगल लिया। चौथी फुलटॉस आउटसाइड ऑफ पर टिम डेविड के बल्ले का बाहरी किनारा स्वीपर कवर के हाथ गया, सिंगल मिला। इस गेंद पर मुकेश कुमार ने ओवर स्टेप कर दिया था, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को नो बॉल का भी एक रन मिला। लगा अब ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बड़े शॉट खेल पाएंगे। चौथी गेंद यानी फ्री हिट फिर एक बार ऑफ स्टंप पर यॉर्कर। अबकी बार स्टोइनिस ने लॉन्गऑन की दिशा में सिंगल हासिल किया।

 

फ्री हिट पर मुकेश कुमार ने मार्कस स्टोइनिस को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। पांचवीं गेंद फिर एक बार ब्रिलिएंट यॉर्कर। गेंद को दबाने के अलावा टिम डेविड कुछ नहीं कर सके। कोई रन नहीं आया। अंतिम फुल टॉस आउटसाइड ऑफ को टिम डेविड मुकेश कुमार के हाथ में खेल बैठे। इस बार भी कोई नहीं बना। आखिरी ओवर की 6 गेंद पर कुल मिलाकर 5 रन आए। मुकेश कुमार भारत के सबसे की खेती गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 29 रन खर्च किए। 209 का टारगेट भारत में 19.5 ओवर में हासिल कर लिया। 2 विकेट से मैच जीत लिया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईशान किशन ने कहा, मुकेश कुमार की गेंदबाजी वाकई काबिल-ए-तारीफ थी।